आलीराजपुर: भांजा-जमाई ने घर में रुकने से किया मना, मामा ने कर दी हत्या, पुलिस ने 18 घंटे में किया गिरफ्तार
थाना आम्बुआ क्षेत्र के ग्राम बंद घुसबयड़ा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अपने घर रुकने की बात को लेकर एक मामा ने अपने ही भांजा-जमा…और पढ़ें
HighLights
- आलीराजपुर में मर्डर: मामा के घर न रुकने पर भांजा-जमाई की हत्या
- सोते समय खाट पर फालिये से किया ताबड़तोड़ वार, मौके पर ही मौत
- आम्बुआ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 18 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
नईदुनिया प्रतिनिधि, आलीराजपुर। थाना आम्बुआ क्षेत्र के ग्राम बंद घुसबयड़ा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अपने घर रुकने की बात को लेकर एक मामा ने अपने ही भांजा-जमाई की धारदार फालिये से वार कर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को महज 18 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार 11 जुलाई 2026 को मृतक की पत्नी (फरियादिया) ने आम्बुआ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पति गुड्डू के साथ ग्राम बंद घुसबयड़ा में अपने मामा के घर मेहमान आई थी।
गांव पहुंचने पर वे सबसे पहले मामा किशन के घर रुके, जहां किशन ने उन्हें सोडा पिलाया। इसके बाद जब दंपत्ति ने अपने दूसरे मामा रघु के घर जाने की बात कही, तो किशन ने उन्हें अपने ही घर रुकने और मेहमानी लेने की जिद की। फरियादिया और उसके पति ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्होंने मामा रघु को खाना बनाने के लिए बोल दिया है और वे वहीं खाना खाएंगे। इसके बाद दोनों मामा रघु के घर चले गए।
जमाई गुड्डू तू मेरे घर क्यों नहीं रुका
शाम को मामा रघु के घर खाना खाने के बाद गुड्डू और उसकी पत्नी घर के आंगन में खाट लगाकर सो रहे थे। रात करीब 12:30 बजे आरोपित मामा किशन पिता नाहला निवासी बंद हाथ में लोहे का धारदार फालिया लेकर वहां पहुँचा। उसने चिल्लाकर कहा, “जमाई गुड्डू तू मेरे घर क्यों नहीं रुका” और जान से मारने की नीयत से खाट पर सोए गुड्डू पर फालिये से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटें आने के कारण गुड्डू की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 18 घंटे में हत्यारे को दबोचा, कोर्ट में किया पेश
पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर मौका मुआयना किया और शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी जोबट के निर्देशन में आरोपित की तलाश के लिए एक विशेष टीम रवाना की गई। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 18 घंटे के भीतर आरोपित किशन पुत्र नाहला को गिरफ्तार कर न्यायालय अलीराजपुर में पेश किया गया है।
अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाली आम्बुआ पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और आरोपी को तत्काल सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना प्रभारी आम्बुआ उपनिरीक्षक (उनि) मोहनसिंह डावर, सउनि बाबूलाल गेहलोत, सउनि विजय वर्मा, प्रधान आरक्षक भूरीसिंह, प्रधान आरक्षक अमरसिंह, मनोज, सुनील, जेराम, भारत, राकेश, दिनेश, राजू और महिला आरक्षक मनीषा की सराहनीय भूमिका रही।
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सौजन्य से: www.naidunia.com