July 16, 2026

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: महापौर परिषद सदस्य और पार्षद को फिलहाल राहत नहीं, 12 मई को होगी अगली सुनवाई


महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू, पार्षद कमल वाघेला और तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को फिलहाल भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में राहत नहीं मिलेग …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 05 May 2026 10:25:29 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 10:25:29 PM (IST)

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड

HighLights

  1. हाई कोर्ट में नाम हटाने की अर्जी टली, अब 12 मई को होगी सुनवाई
  2. दूषित पानी से 36 मौतों के मामले में नेताओं-अफसरों पर केस
  3. वकील बोले- नाम हटाए तो कभी तय नहीं हो पाएगी जवाबदेही

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू, पार्षद कमल वाघेला और तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को फिलहाल भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में राहत नहीं मिलेगी। इन तीनों ने भागीरथपुरा मामले को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं से नाम हटाने के लिए आवेदन दिए हैं। मंगलवार को इन आवेदनों पर सुनवाई होना थी, लेकिन कोर्ट का समय समाप्त होने से टल गई। अब कोर्ट इस मामले में 12 मई को सुनवाई करेगी।

36 मौतों का मामला और जिम्मेदार पक्षकारों की सूची

भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से हुई 36 मौत के मामले में अलग-अलग याचिकाएं हाई कोर्ट में चल रही हैं। इनमें से एक याचिका में राज्य सरकार, नगर निगम के तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, महापौर परिषद सदस्य और जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा, तत्कालीन नर्मदा परियोजना प्रभारी संजीव श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला, कलेक्टर और निगमायुक्त को पक्षकार बनाया गया है। पिछली सुनवाई पर सिसोनिया, शर्मा और वाघेला की ओर से वकीलों ने उपस्थित होकर आवेदन दिए थे कि उनके पक्षकार का नाम याचिका में से हटाया जाए।

वरिष्ठ अधिवक्ता की आपत्ति और अगली सुनवाई की तिथि

मंगलवार को जैसे ही मामले में सुनवाई शुरू हुई, वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया ने आवेदनों पर आपत्ति ली और कहा कि जिम्मेदारों के नाम याचिकाओं से बाहर करने का कोई मतलब नहीं है। ऐसे तो कभी जिम्मेदारी ही तय नहीं हो सकेगी। उन्होंने भागीरथपुरा टंकी में आवश्यकता से अधिक केमिकल घोलने का मुद्दा भी उठाया, लेकिन कोर्ट का समय समाप्त होने से बहस आगे नहीं बढ़ सकी। अब मामले में 12 मई को फिर सुनवाई होगी।

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सौजन्य से: www.naidunia.com

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