एनिमल में खलनायक की भूमिका कर चुके बाबी इसलिए बंदर करने से पहले हिचकिचा रहे थे
नईदुनिया मनोरंजन डेस्क। कुछ पात्रों को निभाने को लेकर कलाकार संशय में होते हैं। एनिमल में खलनायक की भूमिका कर चुके बाबी देओल भी फिल्म बंदर करने को लेकर थोड़ा हिचकिचा रहे थे। तब अभिनेता व उनके पिता धर्मेंद्र ने उन्हें समझाया था कि एक अभिनेता को झिझकना नहीं चाहिए।
परिवार के साथ चर्चा करने का फैसला किया
बंदर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जब बाबी ने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो किरदार की गहराई को देखते हुए उन्होंने इसे लेकर अपने परिवार के साथ चर्चा करने का फैसला किया। जब उनके परिवार वालों ने कहानी सुनी, तो वे बाबी के इस चुनाव से थोड़ा हैरान थे, क्योंकि वे हमेशा एक सुपरस्टार इमेज में देखे जाते रहे हैं।
भूमिका स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया
बाबी के पिता धर्मेंद्र ने उन्हें यह भूमिका स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह फिल्म अनुपमा कर रहे थे, तब भी कई लोगों ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाया और वही फैसला सही साबित हुआ।
बंदर फिल्म पांच जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई
फिल्म में सान्या मल्होत्रा और सबा आजाद भी प्रमुख भूमिका में हैं।सलमान-नयनतारा की फिल्म एसवीसी63 में अक्षय खन्ना या मलयालम फिल्मों के अभिनेता फहाद फासिल निभा सकते हैं खलनायक की भूमिका। टीम अरविंद स्वामी पर भी विचार कर रही थी। अभिनेता सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की रिलीज तारीख की प्रशंसक प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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एसवीसी 63 के लिए विलेन की तलाश
वहीं खबरें हैं कि उन्होंने निर्देशक वामशी पैडिपल्ली के साथ अपनी अगली फिल्म, जिसका अस्थायी शीर्षक एसवीसी63 है के पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी कर ली है। सलमान और नयनतारा अभिनीत इस एक्शन फिल्म के अगले चरण की शूटिंग मनाली में होगी। इस बीच खबरें हैं कि फिल्म के लिए खलनायक अभी तय नहीं हुआ है।
अभिनेता फहाद फासिल शीर्ष दावेदार हैं
सूत्रों की मानें तो अक्षय खन्ना और मलयालम फिल्मों के अभिनेता फहाद फासिल इस भूमिका के लिए शीर्ष दावेदार हैं। निर्माता दिल राजू और निर्देशक दोनों अभिनेताओं से बातचीत कर रहे हैं। दरअसल, स्क्रिप्ट की मांग है कि ऐसा अभिनेता हो जो सलमान के सामने बराबरी से खड़ा हो सके। फहाद और अक्षय दोनों अलग-अलग तरह की ऊर्जा लेकर आते हैं।
मनाली में शूटिंग के बाद यूनिट हैदराबाद जाएगी
चयन में वक्त लग रहा है। मनाली में शूटिंग के बाद यूनिट हैदराबाद जाएगी। सूत्र ने आगे बताया कि हैदराबाद शेड्यूल शुरू होने से पहले विलेन को तय करना जरूरी होगा, क्योंकि आमने-सामने वाले दृश्य उसी दौरान शूट किए जाएंगे। सलमान व अक्षय इससे पहले फिल्म सलाम-ए-इश्क में साथ नजर आए थे, हालांकि दोनों के बीच कोई सीन नहीं था।
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रणवीर को देना चाहूंगा सौ रुपये का नोट
किसी का काम पसंद आए, तो उसकी सराहना तो बनती है। सत्ते पे सत्ता फिल्म के अभिनेता सचिन पिलगांवकर का सराहना करने का तरीका थोड़ा अलग है। जब वह मराठी रियलिटी शो एका पेक्षा एक को जज करते थे, तो उसमें जब उन्हें किसी की परफार्मेंस पसंद आती थी, तो वह उसे सौ रुपये का नोट देकर उसका हौसला बढ़ाते थे।
रणवीर की फिल्म 83 मुझे बेहद पसंद आई थी
आज के दौर में किस कलाकार को सचिन सौ रुपये का नोट देना चाहेंगे? इस पर सचिन अभिनेता रणवीर सिंह का नाम लेते हुए कहते हैं, ‘उनकी फिल्म 83 मुझे बेहद पसंद आई थी। उसमें उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था। वह अपने रोल में पूरी तरह से रम जाते हैं। मैं उन्हें सौ रुपये का नोट देना चाहूंगा।

रणवीर का पात्र कमाल का था
मुझे उनका काम धुरंधर में भी बेहद पसंद आया था। रणवीर का पात्र कमाल का था।’ आगे अपनी पसंदीदा हिंदी फिल्मों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुदत्त की फिल्म कागज के फूल देखने के बाद सात साल की उम्र में उन्होंने निर्देशक बनने का सोच लिया था।
लंबा रास्ता तय करने वालों में से हूं
नया काम जब करते हैं, तो वह काम सही से हो रहा है या नहीं, उसके लिए किसी न किसी से मान्यता की जरूरत होती है। हालांकि, रैपर और अब अभिनेता बने किंग ऐसा नहीं सोचते हैं। अमेजन प्राइम वीडियो पर आठ मई को रिलीज होने वाली वेब सीरीज लुक्खे से अभिनय में कदम रखने वाले किंग कहते हैं, ‘मुझे वैलिडेशन (मान्यता) नहीं चाहिए।
कलाकार प्रशंसा का भूखा होता है
मैं कोई एक काम नहीं कर रहा हूं, ऐसे में मान्यता किन-किन चीजों के लिए लूं। मान्यता तब चाहिए होती है, जब पता होता है कि मैं खुद क्या करने वाला हूं। मैं धीरे, लेकिन लंबा रास्ता तय करने वालों में से हूं। मुझे सब कुछ आज ही नहीं चाहिए, इससे मजा खत्म हो जाएगा। बहुत सारा पैसा देकर अगर कोई यह कहे कि पांच साल का संगीत बनाकर दे दो, तो मैं उसका पैसा वापस कर दूंगा।
(सौजन्य से): www.naidunia.com