July 16, 2026

‘हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है’, स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह किरदार


करोड़ों दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुकी तुलसी आज एक बार फिर लौट रही है, क्योंकि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ आज से 10 साल के लीप के साथ अपनी…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 03 Jul 2026 08:29:47 PM (IST)Updated Date: Fri, 03 Jul 2026 08:30:41 PM (IST)

स्मृति ईरानी

HighLights

  1. दस साल बाद तुलसी परिवार में लौटती है।
  2. इस दौरान अब परिवार पूरा बदल चुका है।
  3. रिश्ते अब पहले से भी ज़्यादा उलझ गए हैं।

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन कुछ रिश्ते और कुछ मूल्य ऐसे होते हैं, जो हर दौर में उतने ही मायने रखते हैं।

करोड़ों दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुकी तुलसी आज एक बार फिर लौट रही है, क्योंकि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ आज से 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और बेहद अहम अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।

इस नए चैप्टर में परिवार पहले से कहीं ज़्यादा बदल चुका है, रिश्ते उलझ चुके हैं और अपनों के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार समय बदलने के बावजूद पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है। शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं,

“बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।

तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।”

(सौजन्य से): www.naidunia.com

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