July 16, 2026

इंदौर में वंदेमातरम् पर संग्राम… ‘कांग्रेस भाड़ में जाए’ बोलने वाली पार्षद रुबीना खान को पार्टी से बाहर करने की तैयारी


नगर निगम परिषद के सम्मेलन में वंदे मातरम् के गान से शुरू हुआ विवाद अब महिला पार्षद को पार्टी से बाहर करने तक पहुंच गया है। बुधवार को रुबीना इकबाल खान …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 09 Apr 2026 09:20:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Apr 2026 09:20:36 PM (IST)

HighLights

  1. पार्षद रुबीना खान को पार्टी से बाहर करने की तैयारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम परिषद के सम्मेलन में वंदे मातरम् के गान से शुरू हुआ विवाद अब महिला पार्षद को पार्टी से बाहर करने तक पहुंच गया है। बुधवार को रुबीना इकबाल खान के बिगड़े बोल के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने उन्हें पार्टी से बाहर करने की सिफारिश कर दी है।

इस बीच शहर कांग्रेस ने घोषणा की है कि हर बैठक और आयोजन में राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के साथ राष्ट्रगान अनिवार्य रूप से होगा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें पार्षद रुबीना खान को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश की गई है।

पार्टी विरोधी बयान पर कार्रवाई की मांग

चौकसे शहर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ निगम में प्रतिपक्ष के नेता भी हैं। हालांकि चौकसे ने वंदेमातरम् नहीं गाने वाली पार्टी की दूसरी पार्षद फौजिया शेख अलीम पर किसी तरह की कार्रवाई के लिए नहीं कहा है। मामले में चौकसे ने स्पष्ट किया कि पार्टी से निष्कासन की सिफारिश दरअसल पार्षद रुबीना खान के पार्टी विरोधी बयान के लिए की गई है।

उन्होंने सदन में यह कहा था कि ‘कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए’। इस पर निर्णय प्रदेश कांग्रेस को लेना है। साथ ही चौकसे ने कहा कि अब हर छोटी-बड़ी बैठक व आयोजन में राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान दोनों होंगे। गुरुवार 9 अप्रैल को क्षेत्र-दो की बैठक से इस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है।

कांग्रेस नेताओं के मत बंटे

दूसरी ओर वंदेमातरम् को लेकर छिड़े विवाद पर कांग्रेस नेताओं का रुख भी बंटा हुआ नजर आ रहा है। पार्षद रुबीना इकबाल खान को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते और वंदे मातरम् नहीं बोल सकते वे जाएं भाड़ में और पाकिस्तान जाकर बसें।

उन्होंने पार्षद रूबीना खान के बयान को भाजपा के साथ मिल कर किया गया खेल बताया। दूसरी ओर कांग्रेस के छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक प्रभारी डॉ. अमीनुल खान सूरी ने कांग्रेस के आयोजनों में वंदेमातरम् अनिवार्य करने के निर्णय को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम का सम्मान जरूरी है लेकिन इसे अनिवार्य करना गलत है।

सज्जन सिंह वर्मा बोले- पहले जवाब लिया जाए

इधर पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद सज्जनसिंह वर्मा का रुख भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से अलग नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्रवाई न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत और पार्टी के संविधान के अनुसार ही हो सकती है। पार्षद ने यदि कुछ बोला है तो पहले उन्हें नोटिस दिया जाए। उनसे जवाब लिया जाए कि किन परिस्थितियों के मद्देनजर उन्होंने बात बोली। इसके बाद ही पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कार्रवाई का निर्णय ले।

वैसे भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे ने सिर्फ सिफारिश की है, निष्कासन का निर्णय वे ले भी नहीं सकते। वंदेमातरम तो आजादी की लड़ाई से हमारी रगों में है, उसे कांग्रेसी स्वतंत्रता संग्राम से लेकर अब तक गाते रहे हैं।

भाजपा पर ध्यान भटकाने का आरोप

दूसरी ओर कांग्रेस के सेवादल अध्यक्ष मुकेश यादव ने वंदेमातरम् पर छिड़े विवाद को भाजपा की शह पर हो रही राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा मुद्दे और चर्चा से ध्यान बंटाने के लिए भाजपा नेताओं ने इसे तूल दिया। सदन में भी पार्षदों से सवाल भाजपा के पार्षदों ने किया। यूं भी कांग्रेस सेवादल के आयोजन में तो पहले राष्ट्रगान होता है और फिर राष्ट्रगीत भी।

सौजन्य से: www.naidunia.com

Related post