July 16, 2026

इंदौर-उज्जैन बनेगा ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब, इलाज के साथ आध्यात्म और वेलनेस का अनोखा संगम


नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत भारत को ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए पांच इंटीग्रेटेड मेडिकल हब विकसित किए जाने प्रस्तावित हैं। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर-उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।

इसी उद्देश्य से इंदौर में एक वेलनेस व मेडिकल टूरिज्म वर्कशाप आयोजित की गई। इसमें यह बात उभरकर सामने आई कि मेडिकल टूरिज्म को केवल अंतरराष्ट्रीय मरीजों तक सीमित न रखकर घरेलू मरीजों को भी जोड़ना होगा।

इंदौर-उज्जैन क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत यहां का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जहां महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि इलाज के साथ धार्मिक दर्शन, वेलनेस और नेचुरोपैथी को जोड़कर एक समग्र हीलिंग एक्सपीरियंस तैयार किया जा सकता है, जिससे मरीजों की रिकवरी बेहतर और तेज हो सके।

वर्कशॉप का आयोजन हुआ

इंदौर-उज्जैन हेल्थ वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर बनाने को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को वर्कशॉप का आयोजन हुआ। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर, अस्पताल संचालक, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, वेलनेस इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों का दायरा बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित मेडिकल हब योजना में मध्य प्रदेश मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है और इसके लिए विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। मंत्री ने भरोसा जताया कि इससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

कृषि, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर में बेहतर प्रदर्शन के चलते मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एलोपैथी, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि इससे मरीजों को बेहतर विकल्प मिलेंगे।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एमवायएच परिसर में बनने वाले आधुनिक जी प्लस थ्री भवन का प्रजेंटेशन भी देखा। वर्कशाप में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ. सलोनी सिड़ाना, आयुष विभाग के आयुक्त शोभित जैन, इंदौर संभागायुक्त डा. सुदाम खाड़े उपस्थित रहे।

आर्गन ट्रांसप्लांट नीति में सरकारी फंडिंग

बैठक में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र की तरह आर्गन ट्रांसप्लांट नीति को मजबूत करना होगा, जिसमें सरकारी फंडिंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रविधान हो। साथ ही, इंटरनेशनल कनेक्टिविटी, अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर सर्विस क्वालिटी को मेडिकल हब की सफलता के लिए अहम माना गया।

मध्य भारत का प्रमुख केंद्र

विशेषज्ञों का कहना था कि मेडिकल टूरिज्म को सफल बनाने के लिए हेल्थ, टूरिज्म और वेलनेस सेक्टर के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। यदि इन सभी पहलुओं को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाए, तो इंदौर-उज्जैन न केवल मध्य भारत, बल्कि पूरे देश में मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है और बड़े स्तर पर रोजगार व निवेश के अवसर भी पैदा कर सकता है।

तीन माह में तैयार होगा ड्राफ्ट

इंदौर-उज्जैन वेलनेस व मेडिकल टूरिज्म का खाका तैयार करने के लिए एक समिति बनाकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े को एक समिति बनाकर इस पर काम करने के निर्देश दिए। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर, अस्पताल संचालक, होटल और टूरिज्म से जुड़े लोग शामिल होंगे। यह समिति नियमित बैठक कर मेडिकल टूरिज्म का खाका तैयार करेगी। ताकि तीन माह में भारत सरकार की पालिसी आने तक यह बेहतर ड्राफ्ट तैयार हो सके और इसे केंद्र सरकार के सामने रखा जा सके।

सौजन्य से: www.naidunia.com

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