July 16, 2026

इंदौर विकास प्राधिकरण में फर्जी एनओसी का खुलासा, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर


योजना में जमीन शामिल होने से भूमि स्वामी को स्वयं के विकास के लिए एनओसी नहीं मिल सकी। इसके बावजूद वर्ष 2024 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रज…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 12:38:34 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 12:43:25 AM (IST)

इंदौर विकास प्राधिकरण।

HighLights

  1. आइडीए में फर्जी एनओसी कांड।
  2. पुलिस ने दर्ज की एफआईआर।
  3. योजना-97 की जमीन पर जालसाजी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की योजना-97 में एक और फर्जी एनओसी का मामला सामने आया है।

दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ कि योजना के अंतर्गत आने वाली भूमि की कूटरचित एनओसी तैयार कर जमीन पर अवैध रूप से विकास अनुमति का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर है।

दरअसल योजना-97 के पार्ट-4 में शामिल सर्वे नंबर 95/1/5/2 और 95/1/5/3, 96 की करीब 0.142 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई थी।

योजना में जमीन शामिल होने से भूमि स्वामी को स्वयं के विकास के लिए एनओसी नहीं मिल सकी। इसके बावजूद वर्ष 2024 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री किए जाने की जानकारी सामने आई।

प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान दस्तावेजों में कई गंभीर विसंगतियां मिलीं। राजस्व रिकॉर्ड और अधिग्रहण संबंधी अभिलेखों का परीक्षण करने पर स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि पहले से ही प्राधिकरण के स्वामित्व में है।

इसके बावजूद जालसाजी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आईडीए अधिकारियों की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।

सौजन्य से: www.naidunia.com

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