कांग्रेस के MP प्रभारी के सामने टिकट बेचने का लगाया आरोप, खंडवा से भोपाल तक खलबली
कांग्रेस के MP प्रभारी के सामने टिकट बेचने का लगाया आरोप, खंडवा से भोपाल तक खलबली
MP Election: मध्यप्रदेश में जहां कांग्रेस चुनाव जीतकर सरकार बनाने के सपने देख रही है, वहीं कांग्रेस के दावेदारों की महत्वाकाक्षाएं उफान पर है. गंभीर आरोप-प्रत्यारोप से लेकर मारपीट तक के दृश्य कांग्रेस की बैठकों में नजर आ रहे है. हद तो तब हो गई जब खंडवा से कांग्रेस से टिकट के एक दावेदार ने जिले के प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैलाश कुण्डल पर ही कांग्रेस के टिकट 40-40 लाख रुपयों मे बेचने का गंभीर आरोप जड़ दिया. पार्टी संगठन में हरिजन आदिवासियों की उपेक्षा को लेकर भी नाराज़गी की बात सामने आई.
वहीं, कैलाश कुण्डल का कहना है कि इन आरोपों पर वे क्या कहें, जिसने आरोप लगाये हैं वही प्रमाणित करें. इस घटनाक्रम को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी संजय दत्त ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिये.
कर्नाटक में प्रचंड जीत से मध्यप्रदेश में कांग्रेसी बेहद उत्साहित हैं, लेकिन यह उत्साह ही अब मर्यादाएं तोड़ रहा है. खण्डवा में कांग्रेस के जिला मुख्यालय गांधी भवन में जहां लम्बे समय से सन्नाटा पसरा रहता था, वहां फिर भीड़ जुटने लगी है. अपने अपने समर्थको के साथ जुटे स्थानीय नेता फिर अपने पुराने फॉर्म में आ गए हैं, अपनी टिकट की दावेदारी के साथ अपने प्रतिद्वंदी के खिलाफ शिकवे शिकायतों का दौर भी कड़वाहट की हदें पार कर रहा है. जबानी लड़ाईयां अब हाथापाई तक पहुंच गईं. एक-दूसरे के साथ झूमा झटकी के साथ कुर्सियां फेंकने की भी होड़ मच गयी है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी संजय दत्त के सामने ही आंतरिक कलह खुलकर सामने आई, जब टिकट के एक दावेदार ने जिले के प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैलाश कुण्डल पर टिकट 40-40 लाख रुपये में बेचने का गंभीर आरोप जड़ दिया. वे यही नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस पर हरिजन-आदिवासियों के हक छीनने का भी आरोप लगाया कि संगठन में उन्हें जवाबदारी देने के बाद वापस ले ली गयी.
सर्वे में 40 लाख देने वाले का नाम जाएगा: टिकट दावेदार
टिकट के दावेदार मोहन ढाकसे ने बताया, ‘मुझे शहर अध्यक्ष बनाया था मनोज भरतकर को ग्रामीण अध्यक्ष बनाया था. 50 साल के इतिहास में पहली बार किसी आदिवासी और हरिजन को मौका दिया. अभी मुझे हटा दिया गया है और मनोज भरतकर होल्ड पर है. हरिजनों और आदिवासियों में इतना आक्रोश है कि चारो विधानसभा में दलित आदिवासी वोटर सभी में गलत मैसेज जा रहा है या तो हमें बनाना ही नहीं था. कैलाश कुण्डल जो हैं इन्होने खुल्ला 40 लाख रुपयों में टिकट के सौदे कर लिये. उन्होंने दावेदारों से कहा है कि जो चालीस लाख देगा उसको टिकट दिलाएंगे. सर्वे में किसी और का नाम भी नहीं जायेगा.’
‘यह कैलाश कुण्डल पक्की बात की है जो टिकट फाइनल हुए है उसमे खण्डवा और मान्धाता का और दो टिकट पर पैसे की समझ नहीं बन रही है. यह मैं खुले में स्पष्ट रूप से बता रहा हूँ ,तो कांग्रेस ऐसे में जीत पायेगी क्या? मुझे कांग्रेस से कल हटाने वाले आज हटा दें पर मैं सत्य बोलकर रहूंगा.’
आरोपों पर कैलाश कुण्डल ने कहा- जिसने आरोप लगाया वो सिद्ध करें
खंडवा जिला प्रभारी कैलाश कुण्डल ने कहा- ‘आरोप लगाने वाले आरोप लगाएंगे, अगर उन्हें कोई तकलीफ़ है तो लेकिन गांधी भवन अब वो पहले वाला नहीं रहा जो आज है. निश्चित रूप से आज पूरा दिन शांतिपूर्वक निकला अच्छी मीटिंग हुई है. प्रभारी संजय दत्त जी एक-एक विधानसभा के एक-एक व्यक्ति से चर्चा की है. संगठन सम्बन्धी चर्चा हुई, टिकट के संबंध में कोई बात नहीं हुई है. टिकट बेचने के आरोप का जवाब मैं कैसे दे पाउंगा ? उन्होंने आरोप लगायें है वे सिद्ध करें. यह कांग्रेसियों में जो जूतम पैजार हुई है उसके लिए कैलाश कुण्डल जिम्मेदार नहीं हैं.’
सम्मानित नेताओं के बारे में कोई ऐसी बात करे तो ये उचित नहीं है: एमपी प्रभारी
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी संजय दत्त का इन विवादों पर कहना है, “जब हम बड़ी संख्या में जमा होते है तो कोई अपनी राय देता है कोई अपनी, व्यक्तिगत बात में कुछ ऐसी छोटी-मोटी बात होती है तो उससे पार्टी का कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि आखरी में सभी गले मिलकर साथ में बाहर जाते है.”
कैलाश कुण्डल पर लगे आरोपों पर उनका कहना था, ‘हमारे सम्मानित नेताओं के बारे में कोई ऐसी बात करें, यह उचित नहीं है. संघर्ष करके नाम कमाने को सालों साल लग जाते हैं, किसी के ऊपर दाग लगाना बहुत आसान है. सभी में अवगुण हैं, मेरे में भी अवगुण है लेकिन हम अवगुण देखने के बजाय जिसमे जो गुण हैं, वो देखे तो हमें बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है.’
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