लता मंगेशकर का यह सुपरहिट गाना 24 बार हुआ था रिजेक्ट, फिर बना ऑल टाइम फेवरेट; 31 साल बाद भी बरकरार है क्रेज
निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने गीतकार आनंद बख्शी से कई बार बोल बदलवाए। आखिरकार 24वीं कोशिश में गाना फाइनल हुआ और रिलीज के बाद ऑल टाइम क्लासिक बन गया।
HighLights
- DDLJ का सुपरहिट गीत था
- आनंद बख्शी ने लिखे बोल
- लता मंगेशकर ने दी आवाज
एंटरटेनमेंट डेस्क, नईदुनिया। हिंदी सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) का लोकप्रिय गीत ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ आज भी संगीत प्रेमियों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने को रिकॉर्ड होने से पहले करीब 24 बार रिजेक्ट किया गया था। निर्देशक आदित्य चोपड़ा गाने की एक लाइन से संतुष्ट नहीं थे, जिसके चलते गीतकार आनंद बख्शी को बार-बार इसके बोल में बदलाव करना पड़ा।
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24वीं कोशिश में मिली मंजूरी
फिल्म 1995 में रिलीज हुई थी और इसका यह गीत शुरुआत से ही कहानी का अहम हिस्सा माना गया। आदित्य चोपड़ा चाहते थे कि गाने का हर शब्द फिल्म की नायिका सिमरन के किरदार के अनुरूप हो। इसी वजह से उन्होंने किसी भी लाइन पर समझौता नहीं किया। लगातार संशोधन के बाद आखिरकार 24वीं कोशिश में गाने के बोल उनकी उम्मीदों पर खरे उतरे और इसे रिकॉर्ड करने की मंजूरी मिल गई।
लता मंगेशकर की आवाज ने बढ़ाया गाने का जादू
गाने के बोल अंतिम रूप मिलने के बाद इसे महान गायिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी। उनकी मधुर गायकी ने इस गीत को नई ऊंचाई दी। रिलीज के बाद यह गाना तेजी से लोकप्रिय हुआ और 90 के दशक के सबसे चर्चित और पसंद किए जाने वाले गीतों में शामिल हो गया। आज भी इसकी धुन सुनते ही श्रोताओं की पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।
सिमरन के किरदार को ध्यान में रखकर लिखे गए बोल
फिल्म में यह गीत काजोल द्वारा निभाए गए सिमरन के किरदार पर फिल्माया गया था। आदित्य चोपड़ा चाहते थे कि गीत के शब्द और भाव पूरी तरह सिमरन के व्यक्तित्व को दर्शाएं। यही कारण रहा कि उन्होंने गीत के बोल कई बार बदलवाए और अंतिम रूप मिलने के बाद ही रिकॉर्डिंग की अनुमति दी।
तीन दशक बाद भी कायम है लोकप्रियता
‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। वहीं ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ आज भी हर पीढ़ी के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। आनंद बख्शी के गीत, लता मंगेशकर की आवाज और आदित्य चोपड़ा की बारीकी ने मिलकर इस गाने को हिंदी फिल्म संगीत का एक कालजयी गीत बना दिया।
(सौजन्य से): www.naidunia.com