July 16, 2026

शिवपुरी जिले में नर्सों ने कराई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की डिलीवरी, बाहर आ गई बच्चादानी; अस्पताल ले जाते हुए मौत


शिवपुरी के खोड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार सुबह प्रसव के दौरान ग्राम आसपुर निवासी 25 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति परिहार की मौत हो गई।

Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 09:22:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 09:34:35 AM (IST)

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति परिहार की तस्वीर।

HighLights

  1. आरोप- डॉक्टर नहीं थी, नर्स से हालत बिगड़ी तो कर दिया रेफर
  2. डॉक्टर बोली- मैं ऑन कॉल थी, रेफर के दौरान स्थिर थी तबीयत
  3. जिला अस्पताल रेफर करते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। खोड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार सुबह प्रसव के दौरान 25 वर्षीय प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। महिला की पहचान ग्राम आसपुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति पत्नी वीरेंद्र परिहार के रूप में हुई है। स्वजन ने डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रसव कराने और लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि पदस्थ चिकित्सक ने आरोपों से इन्कार किया है।

यह है पूरा मामला

पति वीरेंद्र परिहार के अनुसार वह सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि करीब 2 बजे पत्नी को लेकर खोड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। वहां ड्यूटी पर नर्सिंग स्टाफ राधा मौजूद थीं, जिन्होंने भर्ती कर कहा कि सब सामान्य है, नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे प्रीति ने एक बच्ची को जन्म दिया।

स्वजन का आरोप है कि प्रसव के कुछ देर बाद ही प्रीति की हालत बिगड़ गई और इस दौरान उसकी बच्चेदानी बाहर निकल आई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रीति को मृत घोषित करते हुए बच्चेदानी बाहर आने की बात बताई। प्रसूता के गर्भ से जन्मी बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है।

स्टेबल पोजीशन में किया था रेफर

इस मामले में खोड़ पीएचसी पर पदस्थ डॉ. तान्या बाथम ने बताया कि प्रीति का प्लेसेंटा प्रसव के बाद बाहर नहीं आया था, इसलिए उसे प्लेसेंटा निकालने के लिए ही रेफर किया गया था। रेफर करते समय प्रसूता की हालत पूरी तरह स्टेबल थी। डॉ. बाथम ने कहा कि उनकी आशा कार्यकर्ता सुशीला से बात हुई है।

आशा ने बताया कि जिला अस्पताल ले जाते समय प्रीति ने खुद अपने हाथों से केन्युला और कैथेटर निकाल दिए थे। कैथेटर निकलने से बच्चेदानी बाहर आ सकती है। प्रसव के समय डॉक्टर की अनुपस्थिति के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह नर्सिंग स्टाफ के साथ आनकाल थीं, उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को फोन पर सभी दिशा निर्देश दिए थे।



सौजन्य से: www.naidunia.com

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