संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक दुर्लभ फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे व्यक्ति की दोषसिद्धि और सजा रद्द की, जिसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 366 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 6 के तहत दोषी पाया गया। यह […]Read More