सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत ज़िले से बाहर निकालने (एक्सटर्नमेंट) के आदेश के ख़िलाफ़ अपील करने में हुई देरी को लिमिटेशन एक्ट, 1963 की धारा 5 के तहत माफ़ किया जा सकता है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच ने कहा, “…जब तक कानून साफ़ […]Read More
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति के पक्ष में दिए गए तलाक के फैसले को सही ठहराया। पति ने पाया था कि शादी के बाद उसकी पत्नी को 10 साल से पीरियड्स नहीं हुए, जिसके बाद उसने ‘क्रूरता’ के आधार पर तलाक की अर्जी दी। पत्नी की अपील खारिज करते हुए जस्टिस रजनी […]Read More