Zubeen Garg Death: अंतिम संस्कार से पहले लिए पैरों के निशान, सिंगर के पदचिह्नों को बनाया अमर धरोहर
Zubeen Garg Death: 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय सिंगर जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) का निधन हो गया था। अब उनके अंतिम संस्कार से पहले कलाकार दिगंता भारती ने एक अनोखी श्रद्धांजलि दी है।
Publish Date: Tue, 23 Sep 2025 09:04:59 AM (IST)
Updated Date: Tue, 23 Sep 2025 09:05:50 AM (IST)
HighLights
- जुबीन गर्ग का आज होगा अंतिम संस्कार।
- जुबीन गर्ग के पदचिह्न बने स्थायी स्मृति।
- जुबीन के लिए गुवाहाटी में उमड़ी भीड़।
एंटरटेनमेंट डेस्क। ‘या अली’ फेम सिंगर जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) के निधन ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय उनका निधन हो गया था।
अब उनके अंतिम संस्कार से पहले कलाकार दिगंता भारती ने एक अनोखी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने गायक (Zubeen Garg Death) के पैरों के निशान लेकर उन्हें संरक्षित किया और काहिलिपारा स्थित उनके घर पर स्मारक का निर्माण किया है।
पदचिह्न बने स्थायी स्मृति
दिगंता भारती द्वारा बनाए गए इस स्मारक में जुबीन गर्ग के पदचिह्न हमेशा के लिए संरक्षित रहेंगे। माना जा रहा है कि यह कदम उनकी संगीत विरासत को अमर बनाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उनके पदचिह्न अब न सिर्फ संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार निशानी बनेंगे, बल्कि असम और पूरे देश में उनके योगदान का प्रतीक भी रहेंगे।
गुवाहाटी में उमड़ी थी भीड़
असमिया संगीत को नई पहचान दिलाने वाले जुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर असम लाए जाने के बाद गुवाहाटी में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान हजारों की संख्या में फैंस उमड़ पड़े और अपने चहेते कलाकार को अलविदा कहा।
दोबारा होगा पोस्टमार्टम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि अंतिम संस्कार से पहले गायक का दूसरा पोस्टमार्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में एम्स गुवाहाटी की टीम भी मौजूद रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार ने इस कदम के लिए सहमति दे दी है।
सरमा ने स्पष्ट किया कि सिंगापुर से भेजे गए डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण ‘डूबना’ बताया गया है, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अलग है। इसलिए जांच को लेकर यह कदम उठाया गया है।
आज होगा अंतिम संस्कार
52 वर्षीय जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार कमरकुची नॉर्थ कैरोलिना गांव में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस स्थान पर स्मारक निर्माण के लिए जमीन भी अधिग्रहित की है।
(सौजन्य से): www.naidunia.com