July 15, 2026

इंदौर डिपो से महू-देवास तक चमकी सौर ऊर्जा, रेलवे भवनों की छतों पर बन रही बिजली, पौने दो करोड़ की हुई बचत


नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं एवं पर्यावरण संरक्षण की अनिवार्यता को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता बन गया है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रतलाम मंडल द्वारा लगभग 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया। इससे करीब एक करोड़ 84 लाख रुपये के राजस्व की बचत हुई। यह पहल रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपयोग की दिशा में और अधिक सशक्त बनाएगी।

योजनाबद्ध कार्य और राजस्व की बड़ी बचत

मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार एवं वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (पावर) लेफ्टिनेंट डीके प्रजापति के निर्देशन में बिजली विभाग द्वारा पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया। इससे लगभग एक करोड़ 84 लाख रुपये के राजस्व की बचत हुई है। यह उपलब्धि न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

स्थापित सोलर पैनलों की क्षमता

वर्तमान में रतलाम मंडल के विभिन्न लोकेशनों पर कुल लगभग 3299 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे वर्ष 2025-26 में लगभग 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन संभव हुआ है। सौर ऊर्जा उत्पादन को और अधिक बढ़ाने के लिए आगामी समय में अतिरिक्त लोकेशनों पर सोलर सिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

आठ नए स्थानों पर सोलर सिस्टम की शुरुआत

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार वर्ष 2025-26 में मंडल के आठ विभिन्न लोकेशनों पर कुल 388 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इन कार्यों के तहत इंदौर कोचिंग डिपो, मुख्य स्टेशन भवन, आरक्षण कार्यालय, हॉस्टल, डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के नवीन स्टेशन भवन एवं प्लेटफार्म कवर शेड, देवास स्टेशन भवन, लीमखेड़ा एवं मंगलमहुड़ी स्टेशनों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

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पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता में आई कमी

इसके अतिरिक्त मंडल के अन्य स्टेशनों, मरम्मत इकाइयों, रेलवे चिकित्सालयों एवं विभिन्न कार्यालयों में पूर्व से स्थापित सोलर सिस्टम के माध्यम से भी नियमित रूप से सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इन प्रयासों से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता में कमी आ रही है।

सौजन्य से: www.naidunia.com

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