जमाखोरों-कालाबाजारी करने वालों को लेकर MP के मुख्य सचिव सख्त, बोले- गड़बड़ी मिली तो सीधे रद होगा गैस एजेंसी का लाइसेंस
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के साथ …और पढ़ें
HighLights
- मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए दिए निर्देश
- पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को न छोड़ने का निर्देश
- रसोई गैस की कालाबाजारी अब पड़ेगी भारी: भारी अर्थदंड के साथ होगी सीधी जेल
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के साथ भारी अर्थदंड और एजेंसियों पर आवश्यक होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाए। कई बार एजेंसियां मुनाफे के लिए अपने कर्मियों से भी कालाबाजारी करवाती हैं। गड़बड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में न छोड़ें। यह निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को मंत्रालय में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता व पीएनजी कनेक्शन को लेकर समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक में कलेक्टर वर्चुअल शामिल हुए। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3,029 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं। 2,759 छापे मारे गए हैं। दोषियों के विरुद्ध 11 एफआइआर भी दर्ज की गई हैं। प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की कमी नहीं है।
ऑयल कंपनियों के डिपो से निरंतर आपूर्ति जारी है। जिलों में गैस पाइप लाइन बिछाने के आवेदन को प्रस्तुत करने के 24 घंटे के अंदर डीम्ड अनुमति देने की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि वे प्रतिदिन मॉनीटरिंग करें और जमाखोरी के साथ कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित तथा कड़ी कार्रवाई करें।
तीन माह के भीतर पीएनजी पाइप से पहुंचे गैस
बैठक में मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे एजेंसियों को पीएनजी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता के अनुसार कर्मचारी उपलब्ध करवाएं। उपभोक्ताओं के बीच पीएनजी की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करें, जिससे अगले तीन माह में अधिकतम घरों तक पाइप से गैस पहुंच सके। पाइप लाइन की क्षमता अनुरूप घरेलू कनेक्शन करें। जो कनेक्शन बंद हो गए हैं, उन्हें भी फिर प्रारंभ करें। एजेंसियों के लिए विभागों से 24 घंटे में अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि जारी करने के साथ ही कालोनियों में कनेक्शन के लिए शिविर लगाए जाएं।
सौजन्य से: www.naidunia.com