मध्य प्रेदश व्यापम घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने 10 आरोपियों के खिलाफ सजा सुनाई है। इन आरोपियों को पांच-पांच साल सश्रम कारावास की सजा दी गई है, साथ ही सभ …और पढ़ें
Publish Date: Wed, 17 Dec 2025 01:49:18 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Dec 2025 01:49:18 AM (IST)
पटवारी भर्ती परीक्षा 2008 घाटाला मामले में सुनवाई
HighLights
- व्यापमं पटवारी भर्ती परीक्षा 2008 घाटाला मामले में सुनवाई
- 10 आरोपियों को सीबीआई कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई
- आरोपियों ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चयनित होकर ली थी नौकरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा वर्ष 2008 में आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शामिल होने और फर्जी दस्तावेजों को असली बताकर चयनित होने वाले 10 आरोपियों को सीबीआई कोर्ट ने पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने सभी आरोपियों पर तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। आरोपियों के नाम रामेश्वर सिसोदिया, राकेश वर्मा, देवेंद्र सोलंकी, चेतन वर्मा, बलराम रघुवंशी, हरपाल राजपूत, गोपाल मंडलोई, जितेंद्र वर्मा, दिनेश वगीला और दिग्विजयसिंह सोलंकी हैं। सभी आरोपी खरगोन जिले के निवासी हैं। अभियुक्तों के खिलाफ 26 अक्टूबर 2012 में पुलिस स्टेशन कोतवाली जिला खरगोन में एफआईआर दर्ज हुई थी।
आरोप था कि अभियुक्तों ने व्यापमं द्वारा आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा 2008 में फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके धोखाधड़ी की और फर्जी प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों को असली बताकर परीक्षा में चयनित हो गए। मामले में शिकायत के बाद हुई जांच के बाद खरगोन पुलिस ने सक्षम न्यायालय में 28 मई 2014 को आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।
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बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह मामला सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया। लंबी सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट इंदौर ने मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपितों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सौजन्य से: www.naidunia.com