July 16, 2026

MP Tourist Place: जहां बादल छूते हैं विरासत को, मानसून से पहले मांडू का नया श्रृंगार


प्रेम विजय पाटिल, धार। जून के आखिरी सप्ताह में जब मानसून की पहली बारिश विंध्याचल की पहाड़ियों को भिगोती है, तब मांडू का रूप किसी चित्रकार की कल्पना जैसा हो जाता है। बादलों की चादर में लिपटे महल, हरियाली से आच्छादित प्राचीरें और सदियों पुरानी प्रेम कथाओं की गूंज इस ऐतिहासिक नगरी को जीवंत कर देती है।

इस बार का मानसून सीजन मांडू के लिए और भी खास होने जा रहा है। इतिहास और प्रकृति की इस अनमोल धरोहर में अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का नया अध्याय जुड़ने वाला है, जिससे पर्यटकों का अनुभव और समृद्ध होगा। मांडू, जिसे मांडवगढ़ के नाम से भी जाना जाता है, मालवा सल्तनत के गौरवशाली अतीत का जीवंत साक्षी है।

बाज बहादुर और रानी रूपमती की प्रेम कहानी

करीब 45 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार और अनेक भव्य प्रवेश द्वारों से घिरा यह नगर अफगान स्थापत्य कला का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, जामा मस्जिद और होशंगशाह का मकबरा आज भी उस स्वर्णिम युग की कहानी सुनाते हैं, जब मांडू सत्ता, संस्कृति और स्थापत्य का केंद्र हुआ करता था। मांडू की पहचान केवल उसके ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित नहीं है।

बाज बहादुर और रानी रूपमती की अमर प्रेम गाथा ने भी इसे देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाई है। रूपमती पवेलियन से दिखाई देने वाली नर्मदा घाटी का विहंगम दृश्य आज भी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। मानसून के दिनों में जब बादल इन स्मारकों को छूते हुए गुजरते हैं, तब मांडू का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है।

स्वदेश दर्शन 2.0 से बदलेगी तस्वीर

केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत मांडू में लगभग 24.89 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति देना है।

योजना के तहत जामा मस्जिद के सामने एक आकर्षक सोशल प्लाजा विकसित किया जाएगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला प्रदर्शन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी, जिससे पर्यटक मांडू की सांस्कृतिक विरासत को और करीब से अनुभव कर सकेंगे।

सनसेट पाइंट से लेकर सूचना केंद्र तक नई सौगातें

रैन बसेरा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सनसेट पाइंट तैयार किया जाएगा। यहां ओपन थिएटर, खान-पान की व्यवस्थाएं और बच्चों के लिए विशेष किड्स जोन विकसित होगा। वहीं डाइनो पार्क के समीप अत्याधुनिक पर्यटक सूचना केंद्र और कैफेटेरिया स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को मांडू के इतिहास, प्रमुख स्मारकों और भ्रमण मार्गों की समग्र जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।

विरासत और विकास का नया अध्याय

मानसून की हरियाली, इतिहास की भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के इस नए संगम के साथ मांडू एक बार फिर देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह केवल इतिहास प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों का ही नहीं, बल्कि परिवारों, युवाओं और सांस्कृतिक पर्यटन के शौकीनों का भी पसंदीदा गंतव्य बनने की ओर बढ़ रहा है।

तीन पर्यटन सर्किटों में विकसित होगा मांडू

पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित और व्यापक बनाने के लिए मांडू को तीन प्रमुख सर्किटों में विकसित किया जा रहा है। हेरिटेज सर्किट में ऐतिहासिक स्मारकों को शामिल किया जाएगा। धार्मिक सर्किट में नीलकंठ मंदिर, राम मंदिर, जैन मंदिर और रीवा कुंड जैसे प्रमुख आस्था केंद्र होंगे। वहीं नेचर एवं एडवेंचर सर्किट प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन के नए अवसर प्रदान करेगा।



सौजन्य से: www.naidunia.com

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