प्रेम विजय पाटिल, धार। जून के आखिरी सप्ताह में जब मानसून की पहली बारिश विंध्याचल की पहाड़ियों को भिगोती है, तब मांडू का रूप किसी चित्रकार की कल्पना जैसा हो जाता है। बादलों की चादर में लिपटे महल, हरियाली से आच्छादित प्राचीरें और सदियों पुरानी प्रेम कथाओं की गूंज इस ऐतिहासिक नगरी को जीवंत कर […]Read More