July 15, 2026
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SIR in Indore: वोटर्स को नाम जोड़ने के लिए घोषणा पत्र में देना होगी 2003 की जानकारी


इंदौर जिले में नो मैपिंग वाले 1.33 लाख मतदाताओं को निर्धारित दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना होगी। जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत कर …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 28 Dec 2025 08:08:30 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Dec 2025 08:12:54 AM (IST)

ऑफलाइन के लिए सभी बूथों पर बीएलओ बैठ रहे हैं, जो युवा मतदाताओं के फार्म भरने की प्रक्रिया करेंगे। – फाइल फोटो

HighLights

  1. दावे-आपत्ति की सुनवाई के साथ मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे नाम
  2. इसके लिए 10 शासकीय सेवकों को नोडल अधिकारी बनाया जा रहा
  3. 76 अतिरिक्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में दावे-आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है। साथ ही मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। इसमें 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा मतदाताओं के नाम भी जोड़े जाएंगे। इन मतदाताओं को जन्म और पते के प्रमाण के साथ घोषणा पत्र भरना होगा।

घोषणा पत्र में युवा मतदाताओं को अपने माता-पिता की 2003 में मतदाता सूची में दर्ज जानकारी देना होगी। एसआईआर प्रक्रिया के तहत 22 जनवरी तक दावे-आपत्ति लिए जाएंगे। एक जनवरी 2026 तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए युवा मतदाताओं को फार्म-6 भरना होगा। यह फार्म ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी भरे जा सकते हैं।

ऑफलाइन के लिए सभी बूथों पर बीएलओ बैठ रहे हैं, जो युवा मतदाताओं के फार्म भरने की प्रक्रिया करेंगे। वहीं, वे लोग भी फार्म भर सकेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। इन मतदाताओं को भी फार्म-6 भरने के साथ ही घोषणा पत्र में 2003 की जानकारी देना होगी। यदि वह 2003 में मतदाता थे, तो उस समय के मतदाता क्रमांक, बूथ और विधानसभा क्रमांक की जानकारी देना होगी। यदि मतदाता नहीं थे, तो माता या पिता की जानकारी भरना होगी।

10 नोडल अधिकारी जांचेंगे दस्तावेज

इंदौर जिले में नो मैपिंग वाले 1.33 लाख मतदाताओं को निर्धारित दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना होगी। जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। दावा-आपत्ति के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विभिन्न विभागों के 10 शासकीय सेवकों को नोडल अधिकारी बनाया जा रहा है। वहीं, सुनवाई के लिए 76 अतिरिक्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

सौजन्य से: www.naidunia.com

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