July 15, 2026
TRENDING

देवास में कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिली खाद, गुस्साए किसानों ने हाईवे पर उतरकर की नारेबाजी


देवास में खाद के लिए भीड़ अधिक होने के कारण सभी किसानों को टोकन नहीं मिल पाए, जिससे आक्रोशित कई किसान कृषि उपज मंडी के सामने एबी रोड पर आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन, कृषि विभाग और अन्य जिम्मेदार पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। गांव की सोसायटी में भी खाद नहीं मिल रहा, इसलिए शहर आना पड़ा।

Publish Date: Mon, 24 Nov 2025 01:29:12 PM (IST)

Updated Date: Mon, 24 Nov 2025 01:40:43 PM (IST)

देवास में प्रदर्शन करते किसान और लाइन में रखी डायरियां।

HighLights

  1. किसानों का कहना है कि गांव की सोसायटी में भी खाद नहीं मिला।
  2. इसी वजह से उन्हें खाद लेने के लिए देवास शहर में आना पड़ा।
  3. अब यहां पर भी टोकन नहीं मिल पाने से किसान परेशान हो गए हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। रबी फसलों के लिए यूरिया के पर्याप्त स्टॉक के प्रशासन के दावे के बीच खाद के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही। शहर में एमपी स्टेट एग्रो और अभयेश्वर सहकारी समिति के गोदाम के बाहर खाद के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में किसान लाइन लगाए खड़े रहे। सुबह 5 बजे से ही किसानों का आना शुरू हो गया था, यह सिलसिला 10 बजे तक चलता रहा।

भीड़ अधिक होने के कारण सभी किसानों को टोकन नहीं मिल पाए, जिससे आक्रोशित कई किसान कृषि उपज मंडी के सामने एबी रोड पर आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन, कृषि विभाग और अन्य जिम्मेदार पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। गांव की कई सोसायटी में किसान चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मजबूरन किसानों को गांव से शहर की ओर रुख करना पड़ रहा है, यहां भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाती है।

पुलिस ने किसानों को शांत कराया

किसानों द्वारा नारेबाजी की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देखकर मामला शांत कराया गया। शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बिलावली की किसान लीलाबाई ने बताया पास के गांव सिया में कृभको के वितरण केंद्र पर कई बार चक्कर लगाए, लेकिन वहां खाद नहीं मिला इसलिए यहां देवास आना पड़ा है।

उधर एमपी स्टेट एग्रो गोदाम के देवास के प्रबंधक जगदीश गिरी ने बताया खाद के स्टॉक के हिसाब से टोकन वितरण कर दिया गया था। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण हमने आगामी कुछ दिनों के भी टोकन बटवा दिए हैं। जैसे-जैसे स्टॉक आता जा रहा है, वितरण किया जा रहा है।



सौजन्य से: www.naidunia.com

Related post