आने वाले वर्षों में भारतीय शहरों की जनसंख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जोखिम का समय रहते आकलन करने वाली तकनीक बेहद जरूरी बन जाती है। पारंपरिक तरीकों में ज्यादातर पुराने रिकार्ड, मैनुअल डेटा और जमीनी सर्वे पर निर्भरता होती थी, जो समय लेने वाले और बदलते शहरी परिदृश्य को सटीक रूप […]Read More